जगदलपुर (छत्तीसगढ़): केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी की गरिमामयी उपस्थिति में शनिवार, 13 दिसंबर 2025 को बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर के इंदिरा प्रियदर्शिनी ग्राउंड में “बस्तर ओलंपिक 2025” का भव्य समापन हुआ।
मुख्य अतिथि श्री अमित शाह जी ने इस अवसर पर न केवल विभिन्न प्रतिस्पर्धाओं के फाइनल मुकाबले देखे, बल्कि बस्तर अंचल और छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकरंगी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी देखीं।

✨ बस्तर केवल खेल नहीं, यह उम्मीदों की पहचान है: गृह मंत्री शाह
समापन समारोह को संबोधित करते हुए, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी ने बस्तर ओलंपिक के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “बस्तर ओलंपिक केवल यहां के लोगों की खेल प्रतिस्पर्धा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समूचे बस्तर के उम्मीदों की पहचान बन गया है।”
विजेताओं का सम्मान: उन्होंने बस्तर ओलंपिक 2025 के विजेताओं और युवा आइकॉन (Youth Icon) को प्रशस्ति पत्र और मेडल भेंट कर सम्मानित किया और उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
विकास का संकल्प: गृह मंत्री शाह ने इस मंच से बड़ा संकल्प लेते हुए कहा कि बस्तर को केवल माओवाद मुक्त ही नहीं करना है, बल्कि 2030 तक देश का सबसे विकसित और समृद्ध आदिवासी संभाग बनाना है। उन्होंने विश्वास जताया कि अगले वर्ष (2026) का बस्तर ओलंपिक पूर्णतः नक्सलमुक्त बस्तर में आयोजित किया जाएगा।
🤝 नक्सलवाद मुक्त बस्तर PM मोदी के नेतृत्व का परिणाम: CM साय
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर का माओवाद मुक्त होना प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के दृढ़ संकल्प का प्रत्यक्ष परिणाम है। उन्होंने कहा कि खेल और विकास की ये पहलें बस्तर के बदलते परिदृश्य का प्रमाण हैं।

इस तीन दिवसीय संभाग स्तरीय आयोजन में बस्तर संभाग के सभी सात जिलों के लगभग 3500 खिलाड़ियों ने भाग लिया। इस वर्ष आत्मसमर्पित नक्सली और नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के सदस्यों को शामिल करने वाली ‘नुआ बाट’ (नया रास्ता) टीम की भागीदारी इस आयोजन को सामाजिक एकता की एक नई मिसाल बनाती है।





