अब पर्यावरण कानूनों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों से वसूला गया जुर्माना सीधे इस कोष में जाएगा। इस राशि का उपयोग प्रदूषित नदियों की सफाई, वायु गुणवत्ता की निगरानी के उपकरण लगाने और खराब हो चुके पारिस्थितिक क्षेत्रों को सुधारने में किया जाएगा।
Post Views: 7





