बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पूज्य पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी के मार्गदर्शन में चल रही “सनातन हिंदू एकता पदयात्रा” ने धर्म व राष्ट्रवाद के मजबूत संदेश को जन-जन तक पहुँचाते हुए कई राज्यों में गहरा प्रभाव डाला है। इस पदयात्रा में छग उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित अनेक श्रद्धालु एवं सामाजिक नेता सक्रिय रूप से शामिल हैं, जिन्होंने इस एकता यात्रा को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई है।
सनातन हिंदू एकता यात्रा का उद्देश्य और महत्व
यह यात्रा दिल्ली से वृंदावन तक तीन राज्यों—दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश—में हो रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य जातिवाद और सामाजिक भेदभाव को खत्म करते हुए सनातन धर्म की एकता और अध्यात्म को मजबूत करना है। इस यात्रा के दौरान श्री धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने सनातन धर्म के अखंडता और राष्ट्र निर्माण में अध्यात्म की भूमिका पर जोर दिया है, सभी सनातनों से एकजुट होकर राष्ट्रवाद और सामाजिक समरसता बनाए रखने का आवाहन किया है।

विजय शर्मा ने इस पदयात्रा के दौरान अनेक प्रेरणादायी क्षण देखे, जहां विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं का भारी हुजूम स्वागत करता है और पुष्प वर्षा, ढोल-नगाड़ों के साथ एकता का संदेश फैलता है। यात्रा के हर पड़ाव पर सामाजिक सद्भाव और हिंदू एकजुटता को बढ़ावा देने के लिए शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित हुए। यह यात्रा न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत कर रही है, बल्कि सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय एकता के लिए भी एक मिसाल कायम कर रही है।
इस पदयात्रा के दौरान विजय शर्मा ने स्थानीय समुदायों से संवाद स्थापित कर एकता, धर्म और संस्कृति की महत्ता को समझाने और उसे जीवन में उतारने का संदेश दिया है। इसके साथ ही, उन्होंने इस अभियान के माध्यम से बच्चों, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों को भी हिंदू संस्कृति व सामाजिक एकता की प्रेरणा दी है।

यह यात्रा आज भी जारी है और आने वाले दिनों में भी बागेश्वर धाम के प्रभुत्व में यह सनातन एकता की ज्योति और प्रज्वलित करती रहेगी, जिससे हिंदू समाज में और अधिक जागरूकता और एकता का संचार होगा। विजय शर्मा का समर्पित सहभाग इस यात्रा की सफलता और संदेश के प्रसार में अनमोल योगदान साबित हुआ है।
इस प्रकार, पूजा स्थल बागेश्वर धाम के पवित्र सान्निध्य में सम्पन्न यह यात्रा सनातन हिंदू एकता के उद्देश्यों को जीवंत कर रही है, जिसमें विजय शर्मा जैसे सामाजिक नेताओं की भागीदारी उससे और बलशाली हो रही है।
इस प्रेरक यात्रा की झलक और अनुभव राष्ट्रीय स्तर पर सनातन धर्म की रक्षा एवं संगठन में एक नई ऊर्जा प्रदान कर रहे हैं।





