भगवान स्वामीनारायण द्वारा लिखित पवित्र ग्रंथ ‘शिक्षापत्री’ के 200 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में ‘द्विशताब्दी महोत्सव’ आयोजित किया गया।
खास बात: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर राष्ट्र को संबोधित किया और शिक्षापत्री के 212 श्लोकों में निहित नैतिक और सामाजिक मूल्यों की प्रासंगिकता पर जोर दिया। यह ग्रंथ अहिंसा, नैतिकता और सामाजिक अनुशासन का मार्गदर्शन करता है।
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