अदालत ने इन नियमों को “अत्यधिक व्यापक” (too sweeping) बताया। याचिकाओं में तर्क दिया गया था कि UGC की जाति-आधारित भेदभाव की परिभाषा अधूरी है और यह कुछ विशिष्ट श्रेणियों को संस्थागत सुरक्षा से बाहर रखती है। मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने इस मामले में केंद्र और UGC को नोटिस जारी किया है।
Post Views: 6





