सँयुक्त पुलिस कर्मचारी एवं परिवार कल्याण संघ के अध्यक्ष उज्जवल दीवान ने दुर्ग जिले के एसपी, कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त, सीएसपी दुर्ग शहर, एसडीएम दुर्ग शहर और थाना प्रभारी पद्मनाभपुर के खिलाफ हाईकोर्ट बिलासपुर में याचिका लगाई थी जिसकी जस्टिस माननीय श्री पार्थ प्रीतम साहू जी के सिंगल बेंच में सोमवार 17/11/2025 को सुनवाई हुई जिसमें याचिकाकर्ता उज्जवल दीवान की तरफ से एडव्होकेट जानू खरे ने पक्ष रखा और कोर्ट को बताया कि दिनांक 05/10/2025 को सँयुक्त पुलिस कर्मचारी एवं परिवार कल्याण संघ का प्रथम महासम्मेलन स्वामी विवेकानन्द सभागार पद्मनाभपुर दुर्ग में रखा गया था जिसके लिए बाकायदा 28700 रुपये नगर निगम दुर्ग में जमा कर बुकिंग की रसीद ली गई थी उसके बाद कार्यक्रम की रूप रेखा बनाई गई व आमंत्रण पत्र बांटे गए, जिसमें पूरे प्रदेश से गणमान्य नागरिकों सहित हजारों लोग सम्मिलित होने आए थे लेकिन उक्त कार्यक्रम को द्वेषवश दुर्ग एसपी, कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त, एसडीएम, सीएसपी, व थाना प्रभारी ने षडयंत्र रच कर भवन के मुख्य द्वार पर ताला लगा कर कार्यक्रम होने से रोक दिया था जिस से पुलिस परिवार की महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग भारी बारिश में भीगे व सारा दिन भूख-प्यास व मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान होते रहे, उक्त कार्यक्रम को करवाने के लिए लाखों रुपये खर्च हो गए थे और कार्यक्रम नही होने से लाखों रुपये का नुकसान हुआ तथा उज्जवल दीवान व संगठन की मान व प्रतिष्ठा भी धूमिल हुई जिस से छुब्ध हो कर याचिकाकर्ता उज्जवल दीवान ने माननीय उच्च न्यायालय का रुख किया। जहाँ न्यायालय ने उत्तरदाताओं से सख्त लहजे में पूछा कि शांतिपूर्ण तरीके से होने वाले पारिवारिक सम्मेलन के कार्यक्रम को क्यों रोका गया तब वे कोई ठोस जवाब नही दे सके और जवाब प्रस्तुत करने के लिए न्यायालय से समय माँगा तब न्यायालय ने उन्हें जवाब प्रस्तुत करने के लिए 1 सप्ताह का समय दिया है मामले की अगली सुनवाई अगले सप्ताह होगी।





