रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने थल, नौसेना और वायुसेना के लिए कई स्वदेशी रडार, ड्रोन और मिसाइल‑संबंधी तकनीकें औपचारिक रूप से सौंप दीं।
इन प्रणालियों से निगरानी क्षमता और प्रिसिजन स्ट्राइक की ताकत बढ़ेगी तथा आयात पर निर्भरता घटाकर आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूती मिलेगी
Post Views: 19





