भिलाई/सक्ती, 23 दिसंबर 2025
केरल के पलक्कड़ जिले में छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के सक्ती तहसील के करही गांव निवासी रामनारायण बघेल (31 वर्ष) की चोरी के संदेह में बांग्लादेशी समझकर सैकड़ों लोगों द्वारा की गई बेरहमीपूर्ण मॉब लिंचिंग से हत्या ने पूरे मजदूर समाज को स्तब्ध कर दिया है। मृतक के क्षत-विक्षत शव पर 80 से अधिक क्रूर चोटों के निशान इस घटना की अमानवीयता को उजागर करते हैं। एक मेहनतकश मजदूर, जो अधूरे घर को पूरा करने के सपने लेकर केरल गया था, उसकी दर्दनाक मौत प्रवासी मजदूरों के लिए खतरे की घंटी बन गई है।BJMTUC का प्राणपण संघर्ष, कठोर निंदा

भारतीय जनता मजदूर ट्रेड यूनियन काउंसिल (BJMTUC) के राष्ट्रीय युवा मोर्चा अध्यक्ष डॉ. जय प्रकाश यादव ने इस जघान्य अपराध की कठोरतम निंदा की है। उन्होंने कहा, “रामनारायण हमारे मजदूर भाई थे, जिनकी कमाई से परिवार का भविष्य संवर रहा था। उनकी निर्मम हत्या मजदूर वर्ग पर सीधा प्रहार है। BJMTUC इस अन्याय को कभी बर्दाश्त नहीं करेगी। हम पीड़ित परिवार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर न्याय की लड़ाई लड़ेंगे।”संगठन की चार सूत्री मांगें
BJMTUC ने इस मामले में स्पष्ट मांगें रखी हैं:मुख्य आरोपी मुरली, प्रसाद, अनु, बिपिन, आनंदन सहित सभी दोषियों को फांसी की सजा सुनिश्चित की जाए।पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये का तत्काल मुआवजा एवं योग्य सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।केरल सरकार तत्काल विशेष जांच दल (SIT) गठित कर तेज जांच करे और छत्तीसगढ़ के प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।केंद्र एवं राज्य सरकारें प्रवासी मजदूरों के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा नीति लागू करें।डॉ. यादव ने कहा कि संगठन हर मजदूर के हितरक्षक बनेगा। BJMTUC ने सभी मजदूर भाइयों-बहनों से अपील की है कि इस अन्याय के खिलाफ एकजुट हों। “रामनारायण का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा—न्याय होगा ही! मजदूरों के साथ अन्याय सहेंगे नहीं!”





