इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है और 270 से अधिक लोग अस्पताल में भर्ती हैं। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इस मामले में सरकार और नगर निगम को कड़ी फटकार लगाते हुए इसे ‘गंभीर लापरवाही’ बताया है। जांच में सामने आया कि एक सार्वजनिक शौचालय का निर्माण बिना सेप्टिक टैंक के सीधे पेयजल पाइपलाइन के ऊपर कर दिया गया था।
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