यह उत्सव 31 दिसंबर 2025 से शुरू हुआ था। आज अंतिम दिन विशेष ‘हवन-पूजन’ और ‘महाआरती’ आयोजित की गई। उत्तराखंड के राजा रघुनाथ ट्रस्ट द्वारा भेजा गया पवित्र गंगा और यमुना का जल आज रामलला के जलाभिषेक के लिए मंदिर ट्रस्ट को सौंपा गया। देश-विदेश के कोने-कोने से आए भक्तों ने रामलला के दर्शन किए।
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