नवा रायपुर: छत्तीसगढ़ के आगामी बजट (वित्तीय वर्ष 2026-27) को समावेशी और जनकल्याणकारी बनाने की दिशा में आज महानदी भवन (मंत्रालय) में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने बजट पूर्व मंत्री-स्तरीय चर्चा के तहत महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े एवं विभागीय वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया।
नवीन मदों और योजनाओं पर गहन मंथन
बैठक के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रस्तावित नवीन मदों और आगामी वर्ष की कार्ययोजनाओं पर गहन चर्चा की गई। वित्त मंत्री श्री चौधरी ने विभाग द्वारा प्रस्तुत नए बजट प्रस्तावों की समीक्षा की और नवाचारों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता महिलाओं की सुरक्षा, पोषण और सशक्तिकरण के साथ-साथ समाज कल्याण की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुँचाना है।
प्रमुख चर्चा के बिंदु:
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महिला सशक्तिकरण: महतारी वंदन योजना जैसी फ्लैगशिप योजनाओं के सुदृढ़ीकरण और नई पहलों पर चर्चा।
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पोषण और स्वास्थ्य: आंगनबाड़ी केंद्रों के उन्नयन और बच्चों के पोषण स्तर में सुधार हेतु बजट आवंटन।
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समाज कल्याण: बुजुर्गों, दिव्यांगों और निराश्रितों के लिए पेंशन व अन्य कल्याणकारी योजनाओं को अधिक सरल और सुलभ बनाने पर जोर।
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तकनीकी नवाचार: विभागीय प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देने हेतु नवीन मद प्रस्ताव।
“मजबूत होगा सामाजिक ढांचा”
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि बजट केवल आंकड़ों का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि राज्य के विकास का विजन है। श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने विभागीय आवश्यकताओं से अवगत कराते हुए बताया कि विभाग का लक्ष्य महिलाओं और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए नई योजनाओं को धरातल पर उतारना है।
मुख्य बिंदु:
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मंत्रालय में बजट 2026-27 के लिए मंत्री-स्तरीय संवाद का दौर जारी।
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वित्त मंत्री ने विभागीय प्रस्तावों की व्यवहार्यता और प्रभाव का किया आकलन।
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संतुलित और विकासोन्मुखी बजट तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम।





