वाराणसी/हरिद्वार: पंचांग के अनुसार, इस साल 14 और 15 जनवरी दोनों दिन मकर संक्रांति का पर्व मनाया गया। 15 जनवरी की सुबह ‘उदया तिथि’ में पवित्र नदियों में स्नान और दान का विशेष महत्व रहा। काशी के गंगा घाटों और हरिद्वार के हर-की-पौड़ी पर तड़के से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। तिल-गुड़ के दान और सूर्य देव को अर्घ्य देकर भक्तों ने सुख-समृद्धि की कामना की। खरमास समाप्त होने के साथ ही आज से सभी मांगलिक कार्यों की शुरुआत भी हो गई है।
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