केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ में एक दिवसीय दौरे पर पहुंचकर महत्वपूर्ण धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लिया। उन्होंने जैन तीर्थ चंद्रगिरि में संत शिरोमणि आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज के द्वितीय समाधि स्मृति महोत्सव में शिरकत की और समाधि स्थल पर नमन किया

इस दौरान उन्होंने आचार्य श्री पर आधारित अंतरराष्ट्रीय म्यूजियम एवं संग्रहालय का भूमि पूजन भी किया। साथ ही विश्व प्रसिद्ध मां बम्लेश्वरी देवी मंदिर पहुंचकर माता रानी की पूजा-अर्चना की और देशवासियों की खुशहाली की कामना की।
कार्यक्रम में जिले के प्रभारी मंत्री गजेंद्र यादव और सांसद संतोष पांडे भी मौजूद रहे।
जैन समाज और मां बम्लेश्वरी मंदिर ट्रस्ट समिति ने शिवराज सिंह चौहान को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा, जिसमें आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज को भारत रत्न देने की मांग की गई। शिवराज सिंह ने कहा कि यह मांग सही जगह पहुंचाई जाएगी।
शिवराज सिंह चौहान ने आचार्य श्री के बारे में भावुक होकर कहा, “यहां आकर ऐसा लगता है जैसे आज भी वे प्रणाम स्वीकार कर रहे हैं। उनकी आंखों में विश्वास, हृदय में करुणा, हाथ में आशीर्वाद और वाणी में सरस्वती मां का ओज विराजमान था। आचार्य श्री चलते-फिरते तीर्थ के समान थे।”

उन्होंने आचार्य श्री की स्वदेशी अपनाने की बात पर जोर देते हुए कहा कि हमें उनके विचारों को भी मानना चाहिए।
GRAMG योजना (विकसित भारत ग्रामीण रोजगार आजीविका मिशन या जी रामजी योजना) पर बोलते हुए उन्होंने बताया कि मनरेगा में कई कमियां थीं, जिन्हें दूर किया गया है। अब रोजगार की अवधि 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है और 1 लाख 51 हजार 282 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, ताकि मजदूरों को अधिक लाभ मिले।





