Home » अपराध » एक और तथाकथित पत्रकार का पर्दाफाश। सरकारी नौकरी लगाने का झांसा देकर लाखों की ठगी। तथाकथित पत्रकार के ऊपर जालसाजी का आरोप।

एक और तथाकथित पत्रकार का पर्दाफाश। सरकारी नौकरी लगाने का झांसा देकर लाखों की ठगी। तथाकथित पत्रकार के ऊपर जालसाजी का आरोप।

डोंगरगढ़ – एक्सेस बैंक के कर्मचारी उमेश गोरले के द्वारा खाताधारकों से करोड़ों की ठगी का मामला शांत हुआ ही नहीं था कि एक और डोंगरगढ़ के तथाकथित फर्जी पत्रकार के ऊपर लोगों को सरकारी नौकरी का झांसा देकर लाखों की ठगी का मामला प्रकाश में आया है वहीं इस मामले में एक बीजेपी के पूर्व पार्षद का नाम सामने आ रहा है। वहीं बताया जाता है कि नौकरी लगाने के नाम पर 420 सी का खेल लगभग लगभग 04 वर्ष पूर्व से चला आ रहा है और इसका खुलासा झांसे में आए लोगों के सामने आने के बाद भंडाफोड़ हो रहा है। वहीं इस मामले में धोखा खाए ग्राम मुसरा प्रतिष्ठित ग्रामवासी शिव कुमार टेम्बुरकर ने बताया कि डोंगरगढ़ के रहने वाले तथाकथित पत्रकार के द्वारा मेरे नंबर पर वाट्सएप ग्रुप में सरकारी नौकरी का विज्ञापन भेज संपर्क कर नौकरी लगाने का झांसा देकर मेरी साली को सरकारी नौकरी लगा दूंगा कहकर अलग अलग किश्तों में फोन पे व नगदी के माध्यम से 03 लाख रु लिया गया है और 03 वर्ष बीतने के बाद भी ना ही नौकरी मिली ना ही पैसा वापस हुआ। पैसा वापस मांगने इस तथाकथित पत्रकार द्वारा गुमराह करने के साथ साथ कहा जाता है कि जाओ थाने में शिकायत कर दो मुझे जेल भेजवा दो सहित आत्महत्या करने की धमकी देते हुए कहा जाता है कि मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता, मेरा तो आईजी, एसपी सहित जिले के पुलिस अधिकारियों सहित थाना डोंगरगढ़ से सेटिंग है मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकते ? तथाकथित पत्रकार के खिलाफ मैं शीघ्र ही उच्च पुलिस अधिकारियो के समक्ष प्रस्तुत हो मेरे साथ हुई जालसाजी के सबूत के साथ ऐसे झूठे, जालसाजो पर कठोर कार्रवाई की मांग करने वाला हूं।

दो दर्जन से अधिक शिकार।

बताया जाता है कि इस फर्जी पत्रकार की जालसाजी में दो दर्जन से अधिक शिकार हुए हैं जिसमें प्रमुख रूप से रामकृष्ण वर्मा, रामकुमार ठाकरे, अश्वन निषाद, डोगेंन्द्र जघेल, पूनमचंद वर्मा, निखिल, दीनदयाल पटेल मुरारी साहू, मोतीलाल साहू, हृदयलाल वर्मा, शीतल दास साहू, बिसाहू नागवंशी, चिरंजीव, केशव, यश कुमार, मुरारी साहू, मोतीलाल साहू सहित अन्य लोग और है जो नौकरी या पैसा पाने की चाह में अब तक फर्जी के चक्कर काट रहे है। हालांकि पीड़ितों ने अब तक अपने साथ हुए जालसाजी की शिकायत पुलिस के पास नहीं की है ?

 

दो शिकायकर्ता आए सामने।

 

नौकरी के नाम पर जालसाजी के मामले में बुधवार को डोंगरगढ़ के दिवंगत पार्षद रमेश लिल्हारे की पत्नी उमा भारती लिल्हारे और ग्राम पंचायत पनियाजोब निवासी बसंत राम साहू ने मीडिया के समक्ष अपने साथ हुई धोखाधड़ी की दुखभरी दास्तान बताते हुए शासन प्रशासन से न्याय की गुहार लगाने की बात की जा रही है कि जालसाजी के रैकेट में शामिल आरोपियों का पर्दाफाश करते दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की मांग कर रहे है जिनका वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। अब देखना है कि नौकरी का के नाम पर जालसाजी कर लाखों रु की धोखाधड़ी करने वालों के विरुद्ध कितने शिकायतकर्ता सामने आते हैं या फिर मामला ठंडे बस्ते में चला जायेगा।

 

समाचार लिखे जाने तक आरोपियों के द्वारा लोगों से लगभग 56 लाख रु की जालसाजी करने की बात सामने आ रही है।

 

शिकायत मिलने पर कार्यवाही की जाएगी- थाना प्रभारी डोंगरगढ़

इस पूरे मामले में डोंगरगढ़ थाना प्रभारी संतोष जायसवाल ने कहा कि शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। प्रार्थियों के द्वारा शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस द्वारा मामले की सूक्ष्मता से जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी।

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