भिलाई/भिलाई इस्पात संयंत्र की भूमि में निवासरत भूतपूर्व इस्पात कर्मियों के आश्रित मादिगा (मोची) एवं अन्य समुदाय के 702 (EWS) परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवासीय व्यवस्थापन की माँग। भिलाई नगर वार्ड क्रमांक 69, हॉस्पिटल सेक्टर-9 क्षेत्र में रहने वाले लगभग 702 परिवार, जो भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) के भूतपूर्व कर्मचारियों के आश्रित हैं, बीते 65 वर्षों से इस क्षेत्र में निवासरत हैं। यहाँ कुल 39 ब्लॉकों में लगभग 4850 लोग रहते हैं। बीएसपी प्रबंधन द्वारा पूर्व में लीज़ स्कीम के अंतर्गत आवास आवंटन किया गया था, किंतु हाल ही में आवासों को “अनफिट” घोषित कर खाली करने का नोटिस जारी किया गया है। इन परिवारों में अधिकांश गरीब, मजदूर वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर (EWS) वर्ग के हैं। इस स्थिति के कारण ये लोग मानसिक एवं आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। इस क्षेत्र के निवासी लंबे समय से प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्थायी आवास प्रदान करने की मांग कर रहे हैं। यह उल्लेखनीय है कि 15 दिसंबर 2014 को इस विषय पर प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र भेजा गया था, जिसके उत्तरस्वरूप 21 जनवरी 2015 को प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा पत्र क्रमांक PMO/PMP/14/00074727 के तहत प्रमुख सचिव, छत्तीसगढ़ शासन रायपुर को आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया था। किंतु अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। छत्तीसगढ़ आंध्र तेलुगु मादिगा समाज (मोची) ने मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़, विष्णु देव साय से इस विषय पर हस्तक्षेप की मांग की है, ताकि भिलाई इस्पात संयंत्र या राज्य शासन द्वारा संबंधित भूमि को प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत संरक्षित कर 702 परिवारों का स्थायी व्यवस्थापन किया जा सके। भारतीय जनता मजदूर ट्रेड यूनियन काउंसिल, छत्तीसगढ़ प्रदेश महामंत्री डॉ. जय प्रकाश यादव ने आज प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर वहाँ के रहवासी परिवारों की समस्याओं को प्रत्यक्ष रूप से जाना। उन्होंने आश्वासन दिया कि मजदूरों एवं गरीब तबके के इस संघर्ष में संगठन पूर्ण रूप से साथ खड़ा रहेगा तथा उच्चस्तर पर इस विषय को उठाया जाएगा। डॉ. यादव ने उपस्थित नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि हर मेहनतकश परिवार को सम्मानजनक आवास मिलना उसका अधिकार है, और इस दिशा में संगठन शीघ्र ठोस पहल करेगा।





