भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ सहित देश के 12 राज्यों में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान प्रारंभ हो गया है। इसके तहत हर मतदाता को अपना परिगणना फॉर्म भरकर बीएलओ को जमा करना अनिवार्य है। यदि फॉर्म जमा नहीं होगा, तो संबंधित व्यक्ति का नाम आगामी मतदाता सूची में दर्ज नहीं किया जाएगा।
अभियान का मुख्य उद्देश्य मृत, दोहरे पंजीकरण, स्थायी निवास परिवर्तन या फर्जी वोटरों के नाम हटाकर, मतदाता सूचियों को शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है। दस्तावेज सत्यापन के लिए मतदाताओं को सरकार या प्राधिकरण द्वारा जारी 11 प्रमाणपत्रों में से कोई भी दो दस्तावेज फॉर्म के साथ जमा करने होंगे।
मतदाताओं के लिए प्रक्रिया में उम्र के अनुसार श्रेणियां तय की गई हैं:
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1 जुलाई 1987 से पहले जन्मे – एक प्रमाणपत्र अनिवार्य
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1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्मे – स्वयं का और एक माता या पिता का प्रमाणपत्र
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2 दिसंबर 2004 के बाद जन्मे – तीन दस्तावेज़, जिनमें स्वयं, माता और पिता के प्रमाणपत्र जरूरी
बीएलओ घर-घर जाकर फॉर्म वितरित और एकत्र कर रहे हैं। मदद के लिए टोल फ्री नंबर 1950 या बीएलओ की सहायता ली जा सकती है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, लगभग 27,000 बीएलओ यह प्रक्रिया संभाल रहे हैं और 4 दिसंबर 2025 तक दस्तावेज जमा करने की अंतिम तिथि है।
मतदाता जागरूकता के लिए अपील की गई है कि सभी नागरिक समय पर दस्तावेज़ तैयार रखें और फॉर्म भरकर जमा करें ताकि हर योग्य नागरिक का नाम सुरक्षित रूप से मतदाता सूची में बना रहे।





