बॉलीवुड अभिनेत्री पद्मिनी कोल्हापुरे ने हाल ही में छत्तीसगढ़ में ‘रुकमणी’ नाटिका के मंचन में मुहावन नृत्य का अनूठा प्रदर्शन किया। इस प्रस्तुति में उन्होंने पारंपरिक लोक संगीत और शास्त्रीय नृत्य के संगम को दर्शाया, जिसने दर्शकों का मन मोहा। पद्मिनी का यह प्रदर्शन नृत्य, भाव-भंगिमा, और सांस्कृतिक गहराई का संगम था, जिसमें उन्होंने स्थानीय मुहावरे और कहानियों को नृत्य के माध्यम से जीवंत किया।इस कार्यक्रम में उनके आत्मीय अभिनय और शैली को बहुत सराहा गया, जो कला प्रेमियों के लिए एक यादगार अनुभव साबित हुआ। पद्मिनी कोल्हापुरे ने अपनी इस कला के जरिए भारतीय सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का संदेश भी दिया। यह उनके करियर का एक खास हिस्सा रहा, जहां उन्होंने बॉलीवुड की चमक-दमक के अलावा पारंपरिक कला और संस्कृति को भी बल दिया।इस कार्यक्रम ने लोक कला और शास्त्रीय नृत्य के बीच स्पष्ट पुल बनाया, जिससे युवा पीढ़ी के लिए सांस्कृतिक ज्ञान को समझना और अपनाना आसान होगा। पद्मिनी के इस अनूठे प्रयास को कला जगत में सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है और इसे स्थानीय संस्कृति के संवर्द्धन का उदाहरण माना जा रहा है।





