भारतीय जनता मजदूर ट्रेड यूनियन काउंसिल (युवा मोर्चा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष *डॉ. जय प्रकाश यादव* ने AIIMS रायपुर में जारी भारी अव्यवस्था और मरीजों के साथ हो रहे अमानवीय व्यवहार के खिलाफ तीखा रुख अपनाते हुए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को कड़ा विरोध‑पत्र भेजा है। डॉ. यादव ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि हालात नहीं सुधरे तो BJMTUC प्रदेश‑व्यापी आंदोलन खड़ा करने से पीछे नहीं हटेगा।

डॉ. यादव ने कहा कि AIIMS रायपुर आज इलाज का मंदिर नहीं, बल्कि उपेक्षा का अड्डा बनता जा रहा है। गंभीर बीमार मरीजों को न समय पर जांच, न ऑपरेशन की तारीख, न बिस्तर, न दवाइयाँ मिल पा रही हैं, जबकि वे अपनी आखिरी उम्मीद लेकर यहां पहुँचते हैं। यह स्थिति न केवल शर्मनाक है, बल्कि सीधे‑सीधे गरीब और मध्यमवर्गीय मरीजों के जीवन के साथ खिलवाड़ है।
उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल के कई अधिकारी और कर्मचारी मरीजों व परिजनों से अभद्र व अपमानजनक व्यवहार करते हैं, शिकायत करने पर भी कोई सुनवाई नहीं होती और फाइलें जानबूझकर दबा दी जाती हैं। डॉ. यादव ने कहा कि “AIIMS रायपुर में बैठा संवेदनहीन तंत्र खुद को कानून से ऊपर समझ रहा है, अब इसे जवाब देना ही होगा।”

ज्ञापन में प्रधानमंत्री से मांग की गई है कि AIIMS रायपुर की पूरी चिकित्सा एवं प्रशासनिक व्यवस्था की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, जिम्मेदार अधिकारियों‑कर्मचारियों को तत्काल हटाकर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए और अस्पताल में पर्याप्त विशेषज्ञ डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ तथा आधुनिक सुविधाएँ तत्काल उपलब्ध कराई जाएँ, ताकि किसी भी मरीज को दर‑दर भटकने को मजबूर न होना पड़े।

डॉ. जय प्रकाश यादव ने दो टूक कहा कि “अगर सरकार ने अब भी आँखें बंद रखीं तो सड़कों से लेकर AIIMS के गेट तक जोरदार आंदोलन होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन‑प्रशासन की होगी।” उन्होंने सभी सामाजिक एवं मजदूर संगठनों, जनप्रतिनिधियों और जागरूक नागरिकों से अपील की कि वे मरीजों के अधिकारों के लिए इस संघर्ष में खुलकर साथ खड़े हों





