AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बिहार के अमौर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार को समर्थन देने की बात कही है, लेकिन इसके लिए उन्होंने एक महत्वपूर्ण शर्त रखी है। ओवैसी ने कहा कि सीमांचल क्षेत्र को अब उसके हक का न्याय मिलना चाहिए क्योंकि यह क्षेत्र दशकों से उपेक्षा का शिकार रहा है। उन्होंने जोर दिया कि विकास सिर्फ पटना और राजगीर तक सीमित नहीं रहना चाहिए बल्कि सीमांचल में भी बुनियादी सुविधाओं और विकास कार्यों की आवश्यकता है। क्षेत्र में पलायन, भ्रष्टाचार, और मूलभूत समस्याएँ जैसे सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा आज भी अधिकांश ग्रामीण इलाकों में गंभीर रूप से मौजूद हैं। ओवैसी ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी के पांच विधायक इस क्षेत्र में सक्रिय रूप से काम करेंगे, सप्ताह में दो दिन कार्यालय में बैठेंगे, अपनी लाइव लोकेशन भी साझा करेंगे और हर छह महीने में क्षेत्र का दौरा करेंगे। AIMIM ने वर्ष 2025 के विधानसभा चुनावों में इस क्षेत्र की 24 सीटों में से पांच सीटें जीती हैं और वह यहां अपनी पकड़ बनाए हुए है। ओवैसी ने कहा कि वे सरकार से यह उम्मीद करते हैं कि सीमांचल को विकास और न्याय मिलेगा, तभी वे अपनी राजनीतिक समर्थन प्रदान करेंगे





