
10 राज्यों में शीतलहर और घने कोहरे का कहर
देश के उत्तरी और मध्य हिस्सों में शीतलहर व घने कोहरे से आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार बदलता जलवायु पैटर्न और बढ़ता प्रदूषण चरम मौसम की घटनाओं को और ज्यादा तीव्र बना रहा है।

देश के उत्तरी और मध्य हिस्सों में शीतलहर व घने कोहरे से आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार बदलता जलवायु पैटर्न और बढ़ता प्रदूषण चरम मौसम की घटनाओं को और ज्यादा तीव्र बना रहा है।

गुजरात के गिर-सोमनाथ ज़िले में सुबह हल्के भूकंप के झटके दर्ज किए गए, रिक्टर स्केल पर तीव्रता लगभग 3 के आसपास मापी गई। प्रशासन के अनुसार किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन आपदा प्रबंधन दल सतर्क मोड पर रखे गए।

उत्तर प्रदेश सहित उत्तर भारत के कई राज्यों में तापमान सामान्य से नीचे चला गया है और कई इलाकों में घना कोहरा, शीतलहर व ठिठुरन पर्यावरणीय चिंता बढ़ा रही है। मौसम विशेषज्ञ इसे पश्चिमी विक्षोभ और जलवायु पैटर्न में बदलाव से जोड़ रहे हैं और लोगों को प्रदूषण व स्मॉग के प्रति सतर्क रहने की

7 दिसंबर को मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर और ग्वालियर जैसे शहरों में हल्की बारिश हुई, जबकि तापमान 5 डिग्री से नीचे पहुंचा। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक बादल छाए रहने और ठंड बढ़ने का अनुमान जताया।

मौसम विभाग ने 7 दिसंबर को दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में शीत लहर और तापमान में गिरावट की चेतावनी जारी की, जहां रात का तापमान 12 डिग्री तक नीचे पहुंचा। हिमाचल और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी की संभावना बनी रही।
जल शक्ति मंत्रालय ने 6 दिसंबर को नमामि गंगे कार्यक्रम की प्रगति पर एक उत्साहजनक रिपोर्ट जारी की है। मंत्रालय ने घोषणा की कि गंगा नदी के किनारे स्वीकृत 70% सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) परियोजनाओं का काम पूरा हो गया है और वे परिचालन में हैं। इन STP के चालू होने से गंगा नदी में
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने देश के 10 राज्यों पर अवैध और अनियंत्रित भूजल दोहन (Illegal Groundwater Extraction) को नियंत्रित करने में विफल रहने पर भारी पर्यावरण क्षतिपूर्ति (Environmental Compensation) के रूप में जुर्माना लगाया है। 5 दिसंबर को NGT ने कहा कि भूजल हमारे प्राकृतिक संसाधनों का आधार है और इसके गिरते स्तर को
2 दिसंबर को राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस मनाए जाने के बाद भी, देश की राजधानी दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में वायु प्रदूषण की स्थिति 4 दिसंबर 2025 को भी ‘बेहद खराब’ (Very Poor) श्रेणी में बनी हुई है। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के अनुसार, कई हॉटस्पॉट जैसे आनंद विहार, जहांगीरपुरी और आरके

केंद्र सरकार की रिपोर्ट में पंजाब‑हरियाणा में पराली जलाने की घटनाओं में 90 प्रतिशत तक कमी का दावा किया गया, लेकिन इसके बावजूद दिल्ली की वायु गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर बनी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि शहरी प्रदूषण के लिए स्थानीय स्रोत—वाहन, निर्माण, कचरा जलाना और औद्योगिक धुआं—अब ज्यादा जिम्मेदार हैं।

दिल्ली में GRAP स्टेज-3 के तहत सरकारी-निजी कार्यालयों में केवल 50% स्टाफ को बुलाने का आदेश। बाकी वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य। वाहनों और ट्रैफिक से प्रदूषण कम करने का प्रयास
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