राजनांदगांव। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने आज राजनांदगांव तहसील कार्यालय का औचक निरीक्षण कर राजस्व व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और अभिलेख संधारण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की बारीकी से समीक्षा की। कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राजस्व प्रकरणों का निराकरण न केवल समय-सीमा में हो, बल्कि उनकी गुणवत्ता भी सुनिश्चित की जाए।
राजस्व प्रकरणों के निराकरण में आई तेजी:
समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि राजनांदगांव तहसील कार्यालय में पिछले एक माह के भीतर कुल 274 राजस्व प्रकरणों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया है। कलेक्टर ने तहसीलदार को निर्देशित किया कि वे पटवारियों से नियमित रूप से प्रतिवेदन प्राप्त करें और न्यायालय द्वारा आदेश पारित होते ही राजस्व अभिलेखों में तत्काल दुरुस्ती की कार्यवाही सुनिश्चित करें।
आम जनता और अधिवक्ताओं से सीधी चर्चा:
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने तहसील कार्यालय आए नागरिकों और अधिवक्ताओं से सीधा संवाद किया। इस दौरान कई लंबित मामलों पर उन्होंने मौके पर ही कड़े निर्देश दिए:
नामांतरण: ग्राम रेंगाडबरी निवासी श्रीमती सुशील चंद्राकर के दान पत्र आधारित नामांतरण मामले में कलेक्टर ने त्वरित निराकरण की बात कही।
बंटवारा: लखोली निवासी आवेदिका गरिमा के भूमि बंटवारा प्रकरण में अधिकारियों को शीघ्र कार्यवाही पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
ऑनलाइन रिकॉर्ड: रेवाडीह निवासी भूषण सिंह चंदेल के ऑनलाइन अभिलेख दुरुस्ती आवेदन पर संज्ञान लेते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को मात्र दो दिवस के भीतर रिकॉर्ड अपडेट करने का अल्टीमेटम दिया।
प्रशासनिक मुस्तैदी:
कलेक्टर ने जोर देकर कहा कि आम जनता को तहसील कार्यालय के चक्कर न काटने पड़ें, इसके लिए पटवारी स्तर से लेकर तहसील स्तर तक समन्वय अनिवार्य है। इस औचक निरीक्षण के दौरान एसडीएम श्री गौतम पाटिल, डिप्टी कलेक्टर श्री विश्वास कुमार, तहसीलदार श्री प्यारेलाल नाग सहित अन्य राजस्व अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।





