अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) की एक नई रिपोर्ट 5 मार्च को जारी की गई, जिसमें आगाह किया गया है कि जेनरेटिव AI का महिलाओं के रोजगार पर अधिक प्रभाव पड़ सकता है। अध्ययन के अनुसार, महिलाओं के वर्चस्व वाले काम (जैसे प्रशासनिक और लिपिक कार्य) पुरुषों के मुकाबले ऑटोमेशन के प्रति दोगुने संवेदनशील हैं। यह तकनीकी जगत में जेंडर इक्विटी पर एक बड़ी बहस का विषय बन गया है।
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