मार्च की शुरुआत में नई दिल्ली में भारत और यूके के बीच ‘ग्रीन हाइड्रोजन’ सुरक्षा मानकों को लेकर एक महत्वपूर्ण सम्मेलन हुआ। दोनों देशों ने क्लीन एनर्जी सेक्टर को बढ़ाने के लिए साझा सुरक्षा प्रोटोकॉल विकसित करने पर चर्चा की। भारत सरकार अपने स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए तेजी से ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक को अपना रही है, जो भविष्य के प्रदूषण नियंत्रण में बड़ी भूमिका निभाएगी।
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