महाराष्ट्र कैबिनेट द्वारा प्रस्तावित “धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम, 2026” (धर्मांतरण विरोधी कानून) को लेकर 11 मार्च को मुंबई में नागरिक समाज संगठनों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस प्रस्तावित कानून में धर्मांतरण से 60 दिन पहले जिला मजिस्ट्रेट को सूचना देने और जबरन धर्मांतरण पर 7 साल तक की जेल का प्रावधान है। विरोध करने वालों का तर्क है कि यह व्यक्तिगत स्वतंत्रता के खिलाफ है।
Post Views: 22





