रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज रायपुर जिले के पारागांव में आयोजित चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज के दो दिवसीय वार्षिक अधिवेशन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने समाज के गौरवशाली इतिहास की सराहना की और शिक्षा व स्वरोजगार के महत्व पर जोर दिया।
मुख्य आकर्षण और मुख्यमंत्री के संबोधन के प्रमुख बिंदु:
शिक्षा से बढ़ेगा आत्मविश्वास: मुख्यमंत्री ने समाज को संबोधित करते हुए कहा कि जब कोई समाज स्वयं अपने बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी उठाता है, तो आने वाली पीढ़ी अधिक आत्मविश्वास और मजबूती के साथ देश-प्रदेश के विकास में योगदान देती है।
नई उद्योग नीति का लाभ उठाने की अपील: श्री साय ने विशेष रूप से समाज के युवाओं का आह्वान किया कि वे राज्य सरकार की नई उद्योग नीति का गहराई से अध्ययन करें। उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल नौकरियों पर निर्भर रहने के बजाय उद्यमिता (Entrepreneurship) के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहिए।
सक्रिय भागीदारी का आह्वान: मुख्यमंत्री ने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपनी शिक्षा और कौशल का उपयोग कर प्रदेश के औद्योगिक विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं, जिससे छत्तीसगढ़ एक समृद्ध और विकसित राज्य बन सके।
सामाजिक एकता: उन्होंने चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों की प्रशंसा की और समाज में एकता व भाईचारे को बनाए रखने पर बल दिया।
विकास का नया रोडमैप:
मुख्यमंत्री के इस संबोधन को राज्य में शिक्षा और व्यापार को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश माना जा रहा है। सरकार की मंशा है कि प्रदेश का युवा वर्ग शासन की योजनाओं का लाभ लेकर खुद का व्यवसाय खड़ा करे और दूसरों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करे।
समारोह में समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी, युवा और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे, जिन्होंने मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया।





