वैज्ञानिकों ने प्रशांत महासागर में 4,000 मीटर की गहराई पर बिना सूरज की रोशनी के ऑक्सीजन बनने की प्रक्रिया का पता लगाया है।
विवरण: अब तक माना जाता था कि ऑक्सीजन केवल प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) से बनती है, लेकिन ‘क्लैरियन-क्लिपरटन ज़ोन’ में मिली इस डार्क ऑक्सीजन ने विज्ञान की पुरानी धारणाओं को चुनौती दी है। यह खोज गहरे समुद्र के पारिस्थितिकी तंत्र को समझने और भविष्य में समुद्री खनन (Deep Sea Mining) के नियमों को तय करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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