भिलाई: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर वैशाली नगर में ‘स्वयंसिद्धा संस्था’ द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में समाज के उस वर्ग की महिलाओं के प्रति सम्मान प्रकट किया गया, जो दिन-रात दूसरों के घरों में मेहनत कर अपने परिवार का पेट पालती हैं। इस कार्यक्रम में महिलाओं के संघर्षों को मंच के जरिए इतनी संवेदनशीलता से प्रस्तुत किया गया कि वहां मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गईं।
संघर्ष की सजीव प्रस्तुति:
वास्तविकता का आईना: संस्था की डायरेक्टर डॉ. सोनाली चक्रवर्ती के नेतृत्व में कलाकारों ने एक नाट्य प्रस्तुति दी। इसमें उन महिलाओं के दैनिक जीवन को दिखाया गया जो दूसरों के घरों में बर्तन मांजने, झाड़ू-पोछा करने और भोजन बनाने जैसे कठिन कार्यों के बावजूद हार नहीं मानतीं और साहस के साथ परिस्थितियों का सामना करती हैं।
संवेदनशील मंचन: यह नाटक केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज के एक ऐसे वर्ग की व्यथा थी जिसे अक्सर हम अनदेखा कर देते हैं। कलाकारों ने उनके श्रम और उनके त्याग को बहुत ही मार्मिक और प्रभावी ढंग से मंच पर उकेरा।
आयोजन की सराहना:
इस संवेदनशील और प्रेरणादायक आयोजन के लिए डॉ. सोनाली चक्रवर्ती और उनकी पूरी टीम की सराहना की गई है। विधायक रिकेश सेन ने भी इस तरह के आयोजनों की महत्ता पर जोर दिया है, जो समाज में हाशिए पर खड़ी महिलाओं को पहचान दिलाने और उनका मनोबल बढ़ाने का कार्य करते हैं।
यह कार्यक्रम न केवल महिला दिवस मनाने का एक जरिया था, बल्कि यह समाज को यह सोचने पर मजबूर करने वाला एक प्रयास था कि हर श्रम का सम्मान किया जाना चाहिए। ‘स्वयंसिद्धा’ संस्था के इस प्रयास ने वैशाली नगर के निवासियों के दिलों को गहराई से छुआ है।





