केंद्रीय बजट 2026 से पहले शिक्षा विशेषज्ञों ने सरकार से मांग की है कि टियर-2 और टियर-3 शहरों के 500 संस्थानों में AI-पावर्ड लैब बनाने के लिए कम से कम ₹10,000 करोड़ का फंड आवंटित किया जाए। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल डिग्री देने से काम नहीं चलेगा, रोजगार बढ़ाने के लिए छात्रों को डीप टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में ट्रेनिंग देना जरूरी है।
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