तेलंगाना के मुलुगु जिले में स्थित मेदारम में एशिया के सबसे बड़े जनजातीय उत्सव ‘मेदारम जतारा’ (सम्माक्का-सारलम्मा जतारा) का धार्मिक उत्साह अपने चरम पर रहा। 29 जनवरी की रात को कोया पुजारियों द्वारा देवी सम्मक्का को चिलकलागुट्टा पहाड़ी से लाकर पवित्र ‘गद्दी’ (मंच) पर स्थापित किया गया। लाखों भक्तों ने सिंदूर और पारंपरिक नृत्यों के साथ देवी का स्वागत किया।
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