अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, 2026 में होने वाले COP31 जलवायु सम्मेलन को लेकर बड़ी खबर आई है। तुर्किये अब इस वैश्विक सम्मेलन की मेजबानी करने के लिए तैयार है, जबकि ऑस्ट्रेलिया वार्ता प्रक्रिया का नेतृत्व करेगा। भारत के लिए यह महत्वपूर्ण है क्योंकि दक्षिण एशिया में जलवायु वित्त (Climate Finance) की मांग को लेकर यह सम्मेलन निर्णायक साबित हो सकता है।
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