आज 2 मार्च को पूरे देश में ‘होलिका दहन’ का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस वर्ष भद्रा काल की उपस्थिति के कारण शुभ मुहूर्त रात्रि 11:23 बजे से 12:40 बजे तक रहा। लोगों ने पारंपरिक फाग गीतों और ढोल-नगाड़ों के साथ होलिका की परिक्रमा की और समाज से बुराइयों के अंत का संकल्प लिया। कल 3 मार्च को चंद्र ग्रहण के कारण कई स्थानों पर होली खेलने (धुलेंडी) को लेकर असमंजस रहा, जिसे अधिकांश क्षेत्रों में 4 मार्च को मनाने का निर्णय लिया गया है।
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