दुर्ग: Prakash Sharma
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध अफीम की खेती का भंडाफोड़ किया है। जिले के पुलगांव थाना क्षेत्र के समोदा-झेनझरी गांव में करीब 5 एकड़ से अधिक भूमि पर अफीम के पौधे उगाए जा रहे थे। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
मुख्य बातें (Key Highlights):
गुप्त सूचना पर कार्रवाई: पुलिस को सूचना मिली थी कि खेत में मक्का (भुट्टे) की फसल के बीच अफीम के पौधे छिपाकर उगाए जा रहे हैं। कार्रवाई के दौरान लगभग 5 एकड़ 62 डिसमिल क्षेत्र में लगी अफीम की फसल को जब्त किया गया।
करोड़ों की कीमत: जब्त किए गए अफीम के पौधों की अनुमानित कीमत लगभग 8 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
तीन आरोपी गिरफ्तार: पुलिस ने मामले में विनायक ताम्रकार, विकास बिश्नोई और मनीष ठाकुर को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार, विनायक ताम्रकार का नाम सामने आने के बाद उसे पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है।
संयुक्त टीम का गठन: इस कार्रवाई में पुलगांव पुलिस के साथ-साथ NCB (नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो), FSL, आबकारी और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने मिलकर काम किया।
NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई: पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) के तहत मामला दर्ज कर लिया है और खेत की सैंपलिंग की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
क्या है पूरा मामला?
जांच में सामने आया कि अफीम की खेती को बाहर से छिपाने के लिए चतुराई से मक्के की फसल का इस्तेमाल किया गया था। खेत के मालिक और इसमें शामिल लोगों ने मिलकर यह बड़ा नेटवर्क तैयार किया था। प्रशासन ने ड्रोन और जमीनी सर्वे के जरिए पूरे इलाके की जांच की है। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के पीछे के मास्टरमाइंड और अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है।
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे नशे के अवैध कारोबार से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।





