लोकेशन: बिलासपुर
रिपोर्टर: विशु तिवारी
बिलासपुर। न्यायधानी बिलासपुर में आयोजित नेशनल लोक अदालत ने एक बार फिर त्वरित न्याय की मिसाल पेश की है। शनिवार, 14 मार्च 2026 को आयोजित इस लोक अदालत में माननीय सप्तम् न्यायालय के समक्ष एक महत्वपूर्ण मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति से 1 करोड़ 75 लाख रुपये का बड़ा समझौता संपन्न हुआ।
मामले की पृष्ठभूमि: प्राप्त जानकारी के अनुसार, दावा प्रकरण क्रमांक 1848/2025 (पूनम कुमारी व अन्य बनाम चन्द्रमणि कुमार व अन्य) में मृतक स्वर्गीय मिथलेश कुमार की सड़क दुर्घटना में दुखद मृत्यु हो गई थी। इसके पश्चात उनके परिजनों द्वारा उचित क्षतिपूर्ति के लिए न्यायालय में दावा प्रस्तुत किया गया था। आवेदिकागण ने दुर्घटना के कारण हुए अपूरणीय आर्थिक एवं पारिवारिक नुकसान को देखते हुए मुआवजे की मांग की थी।
ऐतिहासिक समझौता: नेशनल लोक अदालत के मंच पर लंबी चर्चा के बाद बीमा कंपनी श्रीराम जनरल इंश्योरेंस लिमिटेड और आवेदिकागण के बीच सहमति बनी। कंपनी द्वारा पीड़ित परिवार को ₹1,75,00,000 (एक करोड़ पचहत्तर लाख रुपये) की क्षतिपूर्ति राशि प्रदान करने पर मुहर लगाई गई। इस समझौते के साथ ही वर्षों से लंबित यह कानूनी प्रक्रिया सौहार्दपूर्ण तरीके से समाप्त हो गई।
विद्वान अधिवक्ताओं की भूमिका: इस प्रकरण में आवेदिकागण की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता श्री प्रकाश साहू ने प्रभावी पैरवी करते हुए पीड़ित परिवार का पक्ष मजबूती से रखा। वहीं, बीमा कंपनी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुश्री उमा राव ने अपना पक्ष प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों के सकारात्मक रुख के कारण ही यह बड़ा निराकरण संभव हो पाया।
त्वरित न्याय का माध्यम: लोक अदालत के माध्यम से हुए इस फैसले ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया है कि आपसी सहमति से मामलों का त्वरित समाधान संभव है। इससे न केवल न्यायालयों का बोझ कम होता है, बल्कि पीड़ित परिवारों को भी बिना किसी लंबे इंतजार के समय पर आर्थिक संबल प्राप्त होता है। इस बड़े समझौते से आवेदिकागण को मानसिक और आर्थिक रूप से बड़ी राहत मिली है।





