भिलाई। भिलाई के सेक्टर-2 क्षेत्र में स्थापित भगवान शिव और नंदी की प्रतिमाओं को कथित रूप से अपमानजनक तरीके से हटाए जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना के विरोध में ‘हिंदू जागरण मंच’ ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) के प्रबंधन और जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
क्या है पूरा मामला?
हिंदू जागरण मंच के पदाधिकारियों के अनुसार, भिलाई इस्पात संयंत्र के नगर सेवाएं विभाग (TSD) द्वारा सेक्टर-2 भिलाई चौक पर स्थापित धार्मिक प्रतिमाओं को हटाने की कार्रवाई की गई। संगठन का गंभीर आरोप है कि विभाग के अधिकारी रेनी थॉमस के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई के दौरान धार्मिक मर्यादा और शुचिता का पूर्णतः उल्लंघन किया गया।
आरोप है कि भगवान शिव और नंदी की प्रतिमाओं को अत्यंत अशोभनीय तरीके से उठाकर जयंती स्टेडियम तालाब के पास लावारिस स्थिति में फेंक दिया गया, जिससे जन-आस्था को गहरी ठेस पहुँची है।
प्रशासन और BSP प्रबंधन को सौंपा ज्ञापन
घटना से आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने आज भट्टी थाना प्रभारी, जिला कलेक्टर और BSP के उच्चाधिकारियों को औपचारिक ज्ञापन सौंपा। मंच ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
हिंदू जागरण मंच की मुख्य मांगें:
दोषियों पर दंडात्मक कार्रवाई: मुख्य जिम्मेदार अधिकारी रेनी थॉमस और संलिप्त कर्मचारियों के विरुद्ध तत्काल अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाए।
FIR दर्ज हो: धार्मिक भावनाओं को आहत करने के संबंध में सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाए।
सम्मानजनक पुनर्स्थापना: हटाई गई प्रतिमाओं को पूर्ण विधि-विधान और सम्मान के साथ किसी सुरक्षित स्थान पर पुनः स्थापित करने के निर्देश दिए जाएं।
मंच के प्रतिनिधियों ने प्रशासन से अपील की है कि लोक शांति और जन-आस्था को ध्यान में रखते हुए इस संवेदनशील मामले में त्वरित न्याय किया जाए।





