राजनांदगांव। Akash Sharma
छत्तीसगढ़ की राजनांदगांव पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ एक ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। “पॉलीस फाइनेंस लिमिटेड” नामक ऑनलाइन निवेश प्लेटफॉर्म के जरिए करोड़ों की ठगी का शिकार हुए एक व्यक्ति को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ₹85,00,031/- (पिचासी लाख इकतीस रुपये) की राशि वापस दिलाई है। जिले में साइबर फ्रॉड के मामलों में एक साथ इतनी बड़ी राशि की वापसी का यह पहला मामला है।
निवेश के नाम पर ₹1.14 करोड़ की हुई थी ठगी
मामला डोंगरगांव थाना क्षेत्र का है, जहाँ निवासी विपिन कुमार गोस्वामी (45 वर्ष) को जालसाजों ने अधिक मुनाफे का लालच देकर ₹1,14,52,000/- की चपत लगाई थी। प्रार्थी की शिकायत पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 15/2026 के तहत बीएनएस (BNS) और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
397 बैंक खातों को कराया गया होल्ड
पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन और एएसपी कीर्तन राठौर के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने मामले की तकनीकी जांच की। साइबर सेल और डोंगरगांव पुलिस की संयुक्त टीम ने सीडीआर विश्लेषण और बैंक ट्रांजेक्शन की बारीकी से जांच कर 397 संदिग्ध बैंक खातों को साइबर पोर्टल के माध्यम से होल्ड कराया।
मुंबई तक पहुंची पुलिस की टीम
जांच का दायरा बढ़ाते हुए राजनांदगांव पुलिस की एक टीम आरोपियों की तलाश में मुंबई (महाराष्ट्र) भी रवाना की गई। पुलिस के निरंतर दबाव और प्रभावी तकनीकी विश्लेषण के परिणामस्वरूप ठगी गई राशि में से ₹85 लाख से अधिक की राशि को होल्ड/लीन कराकर माननीय न्यायालय के आदेश से प्रार्थी के खाते में सफलतापूर्वक वापस कराया गया।
पुलिस टीम का रहा अहम योगदान
इस सराहनीय कार्य में DSP अलेक्जेंडर किरो, प्रशिक्षु आईपीएस आदित्य कुमार, निरीक्षक उपेन्द्र कुमार शाह, निरीक्षक विनय पम्मार, निरीक्षक आशीर्वाद राहटगांवकर और साइबर सेल राजनांदगांव की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। राशि वापस मिलने पर प्रार्थी ने पुलिस विभाग का आभार व्यक्त किया है।





