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हनुमान जयंती पर भिलाई में आस्था और संस्कारों का मुद्दा गरमाया; पूर्व पार्षद जय प्रकाश यादव ने की संवेदनशीलता की अपील

भिलाई।

हनुमान जयंती के पावन अवसर पर भिलाई के नेहरू नगर क्षेत्र में आस्था, संस्कार और सामाजिक वातावरण को लेकर एक गंभीर विषय सामने आया है। इस संवेदनशील मुद्दे पर वार्ड-3 (नेहरू नगर) के पूर्व भाजपा पार्षद जय प्रकाश यादव ने अपनी स्पष्ट, संतुलित और सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह विषय केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे क्षेत्र के सामाजिक परिवेश, मर्यादा और भावी पीढ़ी के संस्कारों से गहराई से जुड़ा हुआ है।

गार्डन में अमर्यादित दृश्यों पर जताई चिंता

जय प्रकाश यादव ने अपने वक्तव्य में कहा कि भले ही वे वर्तमान में किसी निजी या व्यावसायिक कार्य से शहर से बाहर हैं, लेकिन इस क्षेत्र और यहां के निवासियों से उनका बेहद गहरा और आत्मीय जुड़ाव रहा है। पार्षद रहते हुए उन्होंने यहां की जमीनी परिस्थितियों और जनभावनाओं को बहुत करीब से समझा है। उन्होंने बताया कि नेहरू नगर के संबंधित गार्डन में अक्सर ऐसे दृश्य और गतिविधियां देखने को मिलती हैं, जो हमारे समाज की गरिमा और मर्यादा के बिल्कुल विपरीत हैं। इससे स्थानीय रहवासियों और परिवारों में लगातार असहजता और भारी असंतोष का माहौल बन रहा है।

प्रतिमा हटाने के प्रयास को बताया दुर्भाग्यपूर्ण

हनुमान जयंती के पावन दिन पर हनुमान जी की प्रतिमा को वहां से हटाने के कथित प्रयासों पर कड़ा ऐतराज जताते हुए उन्होंने इसे अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे किसी भी संवेदनशील कार्य को करने के लिए उचित समय, सही तरीका और स्थानीय नागरिकों के साथ संवाद स्थापित करना बेहद आवश्यक होता है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा— “हम कानून और प्रशासन का पूरा सम्मान करते हैं, लेकिन हमारी भी अपनी धार्मिक आस्थाएं और भावनाएं हैं, जिन्हें दरकिनार या नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।”

प्रशासन से संवाद और संवेदनशीलता की मांग

पूर्व पार्षद ने जिला व पुलिस प्रशासन से बेहद संजीदगी के साथ आग्रह किया है कि यदि इस मामले में कोई वैधानिक या कानूनी प्रक्रिया शामिल है, तो उसे पूरी पारदर्शिता के साथ जनता के सामने रखा जाए। किसी भी कार्रवाई से पहले स्थानीय नागरिकों के साथ बैठकर बातचीत की जाए ताकि बीच का सर्वमान्य रास्ता निकाला जा सके। उन्होंने स्थानीय रहवासियों की भावनाओं का समर्थन करते हुए कहा कि क्षेत्र के लोगों का दृढ़ विश्वास है कि यदि उक्त स्थान पर मंदिर स्थापित रहता है, तो वहां असामाजिक तत्वों का जमावड़ा बंद होगा और क्षेत्र का वातावरण स्वतः ही शांत, पवित्र और सकारात्मक बन जाएगा।

शांति और संयम बनाए रखने की अपील

जय प्रकाश यादव ने अंत में यह पूरी तरह स्पष्ट किया कि उनकी यह बात किसी भी प्रकार का विरोध या टकराव पैदा करने के लिए नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र के बेहतर माहौल और गिरते सामाजिक मूल्यों को बचाने की एक सकारात्मक पहल मात्र है। उन्होंने प्रशासन से जनभावनाओं को सर्वोपरि रखते हुए निर्णय लेने का निवेदन किया है। इसके साथ ही, उन्होंने भिलाई के सभी जागरूक नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी परिस्थिति में शांति, संयम न खोएं और कानून के दायरे में रहकर ही शालीनता से अपनी बात रखें। उन्होंने अपनी बात खत्म करते हुए कहा— “जब समाज जागरूक और एकजुट होता है, तभी सही और संतुलित निर्णय सामने आता है।”

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