दुर्ग। आम जनता, अस्पताल जाने वाले मरीजों और स्कूली छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने शहर के प्रमुख व व्यस्त मार्गों पर धरना-प्रदर्शन, रैली, जुलूस, टेंट लगाने और लाउडस्पीकर के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। इस संबंध में कड़े दिशा-निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया गया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई और सामग्री जब्ती की जाएगी।
अब शहर की यातायात व्यवस्था और शांति व्यवस्था को बाधित किए बिना प्रदर्शन करने के लिए नया रायपुर की तर्ज पर तितुरडीह स्थित रिक्त परिसर को नया आधिकारिक धरना स्थल (जंतर-मंतर) निर्धारित किया गया है।
यदि किसी विशेष परिस्थिति या आपात स्थिति में रैली या प्रदर्शन की आवश्यकता होती है, तो इसके लिए आयोजकों को कम से कम एक सप्ताह (7 दिन) पूर्व एसडीएम सिटी (SDM City) के समक्ष औपचारिक आवेदन जमा कर अनुमति प्राप्त करनी होगी।
इस निर्णय से शहर के मुख्य बाजारों, मुख्य सड़कों और अस्पताल पहुंच मार्गों पर रोज-रोज लगने वाले जाम से आम नागरिकों को राहत मिलेगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कदम शहर में सुगम यातायात और शांति-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है, इसलिए सभी संगठनों से नए निर्धारित स्थल पर ही अपनी गतिविधियां संचालित करने की अपील की गई है।




