दुर्ग: दुर्ग नगर निगम परिसर में उस समय हड़कंप मच गया जब महापौर अलका बाघमार के शासकीय वाहन में अचानक भीषण आग लग गई। महापौर कार्यालय के ठीक सामने खड़ी कार कुछ ही मिनटों में आग की लपटों की चपेट में आ गई और धू-धू कर पूरी तरह जलकर खाक हो गई। गनीमत यह रही कि महापौर हादसे से ठीक पहले गाड़ी से नीचे उतरकर अपने कक्ष की ओर जा चुकी थीं, जिससे एक बड़ा और दर्दनाक हादसा टल गया।
इस दुर्घटना ने नगर निगम परिसर की आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। प्रशासनिक परिसर होने के बावजूद मौके पर आग पर काबू पाने के लिए कोई चालू अग्निशामक (फायर एक्सटिंग्विशर) यंत्र उपलब्ध नहीं था। दमकल विभाग को जब तक सूचित किया गया, तब तक वाहन पूरी तरह स्वाहा हो चुका था और वहां मौजूद लोग बेबस नजर आए। बाद में फायर ब्रिगेड की टीम ने पहुंचकर आग बुझाई।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए तकनीकी पहलुओं को खंगाला जा रहा है।
हादसे के बाद महापौर अलका बाघमार ने कहा कि वाहन पूरी तरह ऑटोमैटिक था। यदि आग गाड़ी के चलते समय या उनके अंदर बैठे रहने के दौरान लगती, तो सेंट्रल लॉकिंग सिस्टम के कारण बाहर निकलना बेहद मुश्किल हो जाता और जान बचाना नामुमकिन हो सकता था। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।




